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खूबसूरत बालों के लिए

खूबसूरत बाल किसे पसंद नहीं। हर लड़की चाहती है कि उसके बाल खूबसूरत लंबे और घने हो, लेकिन ऐसे बालों के लिए जरूरी है बालों की अतिरिक्त देखभाल की। फिर चाहे आपको बालों में शाइनिंग ही क्यों ना लानी हो। बालों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उनकी साफ-सफाई और अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए। बालों पर किए जाने वाले नए प्रयोग बालों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। लिहाजा आपको अपने बालों के स्टाइल और स्वरूप के हिसाब से उनकी देखभाल करनी होती है। आपकी समस्या का हल ढूंढने और बालों  को शाइनिंग देने के लिए हम आपको बालों की देखभाल की युक्तियां बता रहे हैं। आइए जानें खूबसूरत बालों के टिप्स के बारे में। अगर आप चाहती हैं कि बालों की शाइनिंग बनी रहे और आपके बालों की अच्छी ग्रोथ हो तो आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। जैसे बालों पर कुछ भी इस्तेमाल करने से पहले उसके नुकसान-फायदे इत्यादि के बारे में आपको पता होना चाहिए। बालों पर नए-नए प्रयोग नहीं करने चाहिए, खासकर हेयर कलर करवाते हुए। हां आप एक्ससपर्ट की राय लेते हुए या फिर एक्सपर्ट की देखरेख में ऐसा कर सकते हैं। बालों पर कोई भी प्रोडक्टस का यूज करते हुए...

कालीमिर्च का उपयोग

* कालीमिर्च एक भाग, लहसुन तीन भाग और घी पांच भाग, भोजन के साथ सुबह-शाम खाने से जोड़ों तथा मांसपेंसियों के दर्द में लाभ होता है। * कालीमिर्च, हींग, कपूर का (सभी पांच-पांच ग्राम) मिश्रण बनायें। फिर इसकी राई के बराबर गोलियां बना लें। हर तीन घंटे बाद एक गोली देने से उल्टी, दस्त बंद होते है। * एक ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण तीन-चार ग्राम देशी घी के साथ लेने से शीतपित्त (एलर्जी) में लाभ होता है। * कालीमिर्च का एक से दो ग्राम चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने और इसके तुरंत बाद मट्ठा पीने से पुरानी पेचिस में लाभ होता है। * कालीमिर्च, सोंठ तथा छोटी पीपल का समान मात्रा में चूर्ण बनाकर एक से तीन ग्राम की मात्रा में शहद से चाटने से खांसी, श्वांस और जुकाम में लाभ मिलता है। * पांच ग्राम कालीमिर्च और पांच ग्राम गंधक को पीसकर 10 ग्राम घी में मिला लें। इस लेप को लगाने से खुजली में लाभ होता है। * कालीमिर्च खाने पर शरीर से पसीना निकलता है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है और बुखार के लक्षणों में राहत मिलती है। * यह एक बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट है। * कालीमिर्च एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करती है। * यह मैंगनीज और आयरन जैसे पो...

नीम के तेल का उपयोग

नीम का प्रयोग हम अभी तक उसकी छाल, पत्तीयों और उसकी डंडी के रूप में करते आयें हैं। नीम का तेल भी सेहत के लिए उतना ही लाभकारी है। जितना अन्य सभी। नीम के तेल में कई औषधीय गुण होते हैं । नीम का तेल (Neem Oil) नीम के फलों से निकाला जाता है। यह तेल बेहद ही सुगंध वाला होता है। वैदिक काल से ही नीम के तेल का प्रयोग किया जाता रहा है। नीम का तेल कई प्रकार के इलाजों और दवाई (Home Remedies) के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। नीम के तेल में इतने उपयोगी गुण हैं जो आपकी   सेहत और सौंदर्य दोनों को ही फायदा पहुंचा सकते हैं। आएये जाने नीम के तेल का उपयोग या फायदे (Neem Oil Benefits in Hindi) विस्तार में : रोके बालों को झड़ने से नीम के तेल में मौजूद गुण बालों को टूटने नहीं देते और बालों को जड़ से मजबूत बनाने के साथ ही नीम के तेल से सिर में जूं भी नहीं रहती है। जिन लोगों को सिर में रूसी की समस्या है वे नीम के तेल का उपयोग कर सकते है इससे निश्चित ही लाभ मिलेगा। बनाएं दांतों को सुरक्षित (Neem oil benefits for teeth) : नीम के तेल में एंटी बेक्टीरियन त्तव पाए जाते हैं जो दांतों में होने वाली समस्यओं ...

हल्दी के फ़ायदे

हल्दी के गुण अनंत हैं। हल्दी पर रोज नए शोध हो रहे हैं। भारतीय आहार शैली में यह आदिकाल से शामिल रही है। किसी समय इसे रंग के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता था। यह एक सर्वगुण संपन्ना एंटीबायोटिक्स तो है ही, प्राकृतिक चमत्कार के रूप में भी इसकी ख्याति है। यह कैंसर से लेकर अल्झाइमर्स तक कई बीमारियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। २० कारणों की वजह से हल्दी को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिएः 1. यह एक प्राकृतिक एंटिसेप्टिक एवं एंटिबैक्टेरियल एजेन्ट है। हल् दी का पावडर जले और कटे अंग पर लगाने से संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है। 2. हल्दी को फूलगोभी के साथ मिलाकर खाने से प्रोस्टेट कैंसर की आशंका जाती रहती है। इसके अलावा अगर प्रोस्टेट कैंसर हो तो उसका बढ़ना रुक जाता है। 3. चूहों पर हुए प्रयोग से पता चला है कि हल्दी स्तन कैंसर को फेफड़ों में जाने से रोक देती है। 4. हल्दी से मेलानोमा यानी काले तिल उभरना रुक सकता है। इसके अलावा मौजूद मेलानोमा सेल्स आत्महत्या कर लेते हैं। हल्दी त्वचा का रूप निखारने के लिए सदियों से भारत में इस्तेमाल की जाती रही है। 5. बचपन में होने वाले ल्यूकेमिया यानी ...

तुलसी, अदरक और लौंग

छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स होने पर भी तुरंत दवा खाना कुछ लोगों की आदत होती है। इसका मुख्यकारण घरेलू नुस्खों व उन्हें अपनाएं जाने के सही तरीके की जानकारी न होना है। ये हेल्थ प्रॉब्लम्स ऐसी होती हैं जिन्हें बिना दवा खाए घरेलू नुस्खे अपनाकर भी ठीक किया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खे जो सिरदर्द, सर्दी-जुकाम, पेटदर्द जैसी छोटी प्रॉब्लम्स में रामबाण की तरह काम करते हैं.... - कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।- कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। -अदरक खाने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं। साथ ही अदरक दांतों को भी स्वस्थ रखता है।अदरक का एक छोटा टुकड़ा छीले बिना (छिलकेसहित) गर्म करके छिलका उतार दें। इसे मुंह में रख कर आहिस्ता-आहिस्ता चबाते चूसते रहने से अन्दर जमा और रुका हुआ बलगम निकल जाता है और सर्दी-खांसी ठीक हो जाती है। - लौंग को पीसकर एक चम्मच शक्कर में थोड़ा-सा पानी मिलाकर उबाल लें व ठंडा कर लें। इसे पीने से उल्टी होना व...

पेट का दर्द ठीक हो जाता है

पेट का दर्द ठीक हो जाता है जीरा (Jeera) , अजवाइन, सौंठ, कालीमिर्च, और काला नमक अंदाज से लेकर इसमें घी में भूनी हींग कम मात्रा में मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

नेत्रज्योतिवर्धक घरेलू नुस्खे

आँखों की ज्योति बढ़ाने के साथ ही शरीर को पुष्ट और सुडौल बनाने वाला एक अनुभूत उत्तम प्रयोग प्रस्तुत हैः आधा चम्मच ताजा मक्खन, आधा चम्मच पिसी हुई मिश्री और 5 काली मिर्च मिलाकर चाट लो। इसके बाद कच्चे नारियल की गिरी के 2-3 टुकड़े खूब चबा-चबाकर खायें ऊपर से थोड़ी सौंफ चबाकर खा लो। बाद में दो घंटे तक कुछ न खायें। यह प्रयोग प्रातः खाली पेट 2-3 माह तक करो। प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर नित्यकर्मों से निवृत्त होकर भ्रमण के लिए नियमित रूप से जाना आँखों क े लिए बहुत हितकारी होता है। जब सूर्योदय हो रहा हो तब कहीं हरी घास हो तो उस पर 15-20 मिनट तक नंगे पैर टहलना चाहिए। घास पर रातभर गिरने वाली ओस की नमी रहती है। नंगे पैर इस पर टहलने से आँखों को तरावट मिलती है और शरीर की अतिरिक्त रूप से बढ़ी हुई उष्णता में कमी आती है। यह उपाय आँखों की ज्योति की रक्षा करने के अतिरिक्त शरीर को भी लाभ पहुँचाता है। 1 गिलास ताजे और साफ पानी में नींबू का 5-6 बूँद रस टपका दो और इस पानी को साफ कपड़े से छान लो। दवाई (केमिस्ट) की दुकान से आँख धोने का पात्र (आई वाशिंग ग्लास) ले आओ। इससे दिन में 1 बार आँखों को धोना चा...